Copyright © 2015 AccessoriesPoint. All Right Reserved. All Other Trademarks, Logos And Copyrights Are The Property Of Their Respective Owners.

About us    Privacy Policy   Terms and Conditions    Contact us​                  

ध्यान देने योग्य सावधानियां:

  • ऐसे  करने के 2 घंटे बाद स्नान करें या कुंजल करने से पहले स्नान करें।
  • इस क्रिया को प्रात: काल शौचादि से निवृत्त होने के बाद करना चाहिए।
  • इस क्रिया के लिए पानी में नमक या सौंफ आदि कुछ भी न डाले ।
  • हृदय एवं उच्च रक्तचाप के रोगी को यह क्रिया नहीं करनी चाहिए।
  • गले, फेंफड़े में किसी भी प्रकार का कोई गंभीर रोग हो तब भी यह क्रिया नहीं करनी चाहिए।

योग के लाभ : 

  • जिगर (लिवर),  हृदय (हार्ट) और  पेट की आंते (इंटेस्टाइन) को इस क्रिया से लाभ मिलता है।
  • इसको करने से व्यक्ति शरीर और मन में बहुत ही अच्छा महसूस करता है। हमेशा प्रसंन्न और स्फूति बनी रहती है।
  • इस क्रिया से वात, पित्त व कफ से होने वाली सभी बीमारिया दूर हो जाती  हैं।
  • बदहजमी, गैस विकार और कब्ज आदि पेट संबंधी रोग भी समाप्त होकर पेट साफ रहता है तथा पाचन शक्ति की क्रिया बढ़ती है।
  • सर्दी, जुकाम, नजला, खांसी, दमा, कफ आदि रोगों को दूर करता है।
  • मुंह, जीभ और दांतों के रोग दूर होते हैं।कपोल दोष, रूधिर विकार, छाती के रोग, ग्रीवा, कण्ठमाला, रतोंधी, आदि बीमारियो  में भी यह लाभदायी है।

योग विधि :

इस क्रिया को करने के लिए पहले एक बर्तन में शुद्ध पानी को गर्म करिये। अब उसके बाद कागासन में बैठ जाएं और पेट भर उस गुनगुने पानी को पीएं। पेट भर पिने के बाद खड़े होकर पेट के बल 90 डिग्री का कोण बनाते हुए आगे की ओर झुकिये। फिर हाथ को पेट पर रखो और दाएं हाथ की 2-3 अंगुलियों को मुंह के अन्दर जीभ के पिछले भाग तक ले जाकर अब अंगुली को जीभ के पिछले भाग पर तेजी से घुमाएं। जीभ के पिछले भाग पर अंगुली को घुमाने से उल्टी होने लगेगी और जब पानी ऊपर को  आने लगे तो अंगुलिऔ  को मुंह से बाहर निकालकर पानी को बाहर निकलने दें। फिर जब अन्दर का पिया हुआ सारा पानी बाहर निकल जाए तो दुबारा ऐसी प्रकार तीनों अंगुलियों को जीभ के पिछले भाग पर घुमाएं और पानी को बाहर निकलने दें। जब पानी निकलना बन्द हो जाएगा तो अंगुली को बाहर निकाल दें। इस क्रिया में पानी के साथ भोजन का बिना पचा हुआ खटटा् व कड़वा पानी भी निकल जाता है। फिर जब अन्दर से साफ पानी बाहर निकलने लगे तो अंत में एक गिलास गर्म पानी पी लें और अंगुली डालकर उल्टी करें।

कुंजल क्रिया Kunjal Kriya