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ध्यान देने योग्य सावधानियां:

  • पेट संबंधी कोई गंभीर रोग हो तो यह आसन न करें।
  • स्लिप डिस्क, ऑस्टियोपॉरोसिस और कमर दर्द के रोगी यह आसन किसी योग चिकित्सक से पूछकर ही करें।

योग के लाभ : 

  • पेट के लिए अत्यंत ही लाभयादयक इस आसन से अग्न्याशय सक्रिय होता है जिसके कारण डायबिटीज के रोगियों को इससे लाभ मिलता है।
  • हृदय के लिए भी अत्यंत लाभदायक माना गया है।
  • कब्ज, गैस, अफारा, भूख न लगना, अपच, भोजन का पाचन ठीक न होना आदि विकारों को दूर करता है।
  • आमाशय, छोटी आंत, बड़ी आंत, पित्तकोष, पेन्क्रियाज, मलाशय, लिवर, प्रजनन अंगों और किडनी आदि सभी अंगों पर अनुकूल प्रभाव पड़ता है।

योग विधि :

मंडूकासन के लिए  दोनों पैरों को घुटनों से मोड़कर पीछे की ओर ले जाएं फिर एडिय़ों को फैलाकर दोनों पंजों को मिलाकर उस पर बैठ जाइये। दोनों हाथों के अंगूठों को अंदर करके मुटठी बांध लें और मुटठी को एक-दूसरे से सटाकर नाभि के पास रखिये उसके बाद अब सांस अंदर खींचकर शरीर को ढ़ीला छोड़ दें। फिर सांस को छोड़ते हुए शरीर को धीरे-धीरे आगे की ओर झुकाते हुए छाती को घुटनों से लगाएं। इसके बाद फिर सांस लेते हुए शरीर को वापिस पहले वाली स्थिति में ले आएं। फिर कुछ देर रुककर सांस को छोड़ते हुए फिर से छाती को घुटनों से लगाएं। इस क्रिया को 3-4 बार करें। 

मंडूकासन Frog Pose